बलराम मिश्र, जनवरी 20 -- बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) सबौर के वैज्ञानिकों ने सिंदूर की खेती में क्रांतिकारी शोध किया है। विकसित हाई जर्मिनेशन बीज ने कम अंकुरण की समस्या दूर कर दी है। अब बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में सिंदूर की खेती संभव हो गई है। पहले यह किसानों के लिए चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन अब यह आय का नया स्रोत बनेगी। वैज्ञानिकों का यह प्रयास किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करेगा। बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) सबौर सिंदूर पौधों को राज्य के अन्य क्षेत्रों में फैलाने की योजना बना रहा है। कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) के माध्यम से हाई जर्मिनेशन मैटेरियल सीड तैयार किया जाएगा। विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक किसानों को पौधे देकर खेती के विस्तार में मदद करेंगे। इससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। पौधों के विकास के बाद भी वैज्ञानिक ...