पटना, जनवरी 21 -- बिहार में जल परिवहन को सुगम और किफायती बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राष्ट्रीय अंतर्देशीय नौवहन संस्थान (निनि) अपने छात्रों को पारंपरिक लकड़ी की नावों की जगह फाइबर प्रबलित प्लास्टिक (एफआरपी) नाव के निर्माण का प्रशिक्षण देगा। इस साल के अंत तक इसकी शुरुआत होगी। संस्थान इसके लिए आधारभूत संरचना तैयार कर रहा है। परिवहन विभाग के अनुसार, निनि में लगभग 10 मीटर बड़ी नाव निर्माण की ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसमें 25-30 लोग एकसाथ बैठ सकेंगे। एक नाव बनाने में लगभग चार महीने लगेंगे, जिसके लिए कोलकाता और मुंबई से निर्माण सामग्री मंगाई जा रही है। इस नाव के निर्माण में खर्च कम आएगा और 10 वर्ष तक मरम्मत की आवश्यकता नहीं होगी। ट्रेनिंग के बाद छात्र आगे चलकर स्वयं भी शिप बना सकेंगे। यह जानकारी निनि के प्रोजेक्ट निदेशक इंद्रजीत सोलंक...