चंदन द्विवेदी, दिसम्बर 2 -- बिहार में बक्सर से कहलगांव तक गंगा के पानी में प्रदूषण की मात्रा में कमी आई है। लेकिन, अब भी इसका पानी स्नान करने लायक नहीं है। बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद की ओर से चौसा से कहलगांव तक 34 जगहों पर गंगा जल के नमूनों की प्रयोगशालाओं में बारी-बारी से जांच में यह तथ्य सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक गंगा में फेकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया में भारी कमी आई है। यदि सुधार की यही रफ्तार रही तो एक दो साल में बिहार में 34 में से 24 जगहों पर गंगा का पानी नहाने के लायक हो जाएगा।बैक्टीरिया में चार से 10 गुना तक कमी आई है पर्षद ने पिछले चार वर्षों के दौरान गंगा जल के नमूनों की जांच से प्राप्त आंकड़ों का मिलान करने पर पाया गया कि पहले जिन घाटों पर इस कोलीफॉर्म बैक्टीरिया की मौजूदगी लाखों में थी, वहां इसकी संख्या अब हजार में ...