भागलपुर, दिसम्बर 7 -- एक ओर जहां सरकार किसानों की जरूरत के लिए बाजार में पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध होने का दावा कर रही है, वहीं खरीक क्षेत्र में ये दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। इस समय गेंहू, मकई और केले सहित अन्य फसलों में खाद देने का मुख्य समय है, लेकिन किसानों को खाद ऊंचे दामों पर खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है। किसान बता रहे हैं कि यहां यूरिया 267 रुपये के सरकारी दाम के मुकाबले 500 रुपये में, और डीएपी 1,350 रुपये के सरकारी दाम के मुकाबले 1,700 से 1,800 रुपये में बेची जा रही है। एमओपी (MOP) और एनपीके (NPK) जैसी अन्य खादें भी ऊंचे दामों पर मिल रही हैं। जब किसान दाम कम करने की बात कहते हैं, तो दुकानदार उन्हें खाद देने से मना कर देते हैं। प्रशासन का रवैया खराब तेलघी के धीरज राय, मुकेश मंडल, शंभू झा और अरविंद चौधरी जैसे कई किसानों ने अपनी ...