हिन्दुस्तान ब्यूरो, नवम्बर 29 -- बिहार में कांग्रेस एकला चलो की राह पर आगे बढ़ेगी। इसके लिए प्रखंड से लेकर प्रदेश स्तर तक संगठन को मजबूत किया जाएगा। पार्टी की दिल्ली बैठक में इसकी पृष्ठभूमि तैयार हो चुकी है। बिहार में उसी रणनीति के साथ कांग्रेस अकेले ही रैलियों, सभाओं और कार्यक्रमों में दिखेगी। दिल्ली रैली में भीड़ जुटाने के लिए सदाकत आश्रम में एक दिसंबर को जिलाध्यक्षों और फ्रंटल संगठन के प्रभारियों की बैठक बुलाई गई है। विधानसभा चुनाव में हार की समीक्षा के बाद कांग्रेस ने यह निर्णय लिया है। दिल्ली में राष्ट्रीय नेताओं के साथ प्रत्याशियों और बिहार प्रदेश कांग्रेस के जिम्मेवारों के साथ बैठक में इस पर सहमति बन चुकी है। पिछले तीन दिनों से कांग्रेस इस पर मंथन कर रही है। गुरुवार को प्रत्याशियों और वरीय नेताओं के साथ फीडबैक में सबने इस पर अपनी र...