नई दिल्ली, नवम्बर 14 -- बिहार में कांग्रेस का प्रदर्शन शर्मनाक रहा है। तमाम कोशिशों के बावजूद कांग्रेस सिर्फ एक सीट जीतने में कामयाब रही। वोट चोरी, एसआईआर, आरक्षण सीमा खत्म करने, जाति जनगणना और ईबीसी सहित तमाम मुद्दे बेअसर साबित हुए। इन परिणाम ने जहां कांग्रेस पर रणनीति बदलने का दबाव बढा है, वहीं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के लिए चुनौती भी बढ़ गई है। कांग्रेस ने बिहार में चुनावी रणनीति का तानाबाना राहुल गांधी की तरफ से उठाए जा रहे मुद्दों के इर्द गिर्द बुना था। उनके करीबी माने जाने वाले कृष्णा अल्लावरु को चुनाव से कुछ माह पहले प्रभारी नियुक्त किया गया। अल्लावरु ने अपने अंदाज में टिकट बंटवारा किया और तमाम बड़े नेताओं से खुद को किनारे कर लिया। हाल ही में पार्टी से इस्तीफा देने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री शकील अहमद का कहना है कि का...