आलोक चन्द्र, फरवरी 22 -- बिहार के जो इलाके सोना पैदा कर सकते हैं, वहां से किसानों को एक ढेला नहीं मिल पा रहा। सूबे की 14 नदियों के साथ-साथ 50 नालों की धारों ने ढाई लाख एकड़ भूमि को पूरी तरह डूबो दिया है। इस कारण यहां गन्ने की खेती नहीं हो रही। इस डूब क्षेत्र के कारण किसानों को हर साल लगभग साढ़े तीन हजार करोड़ का नुकसान हो रहा है। इनमें वे नदियां शामिल हैं जो सीधे नेपाल से बिहार में प्रवेश करती हैं। लगभग 300 स्थानों से जलस्रोत उत्तर बिहार में प्रवेश करता है, जो आगे छोटी-छोटी नदियों का रूप ले लेते हैं। इनमें से कई सोता और पईन के रूप में भी बड़े इलाके में पानी फैला रहे हैं। इसके अलावा चंवरों, साइफनों, पुलों के नीचे का इलाका, स्लुईस गेट, जलनिकासी मार्ग के अवरुद्ध होने से भी कई क्षेत्र में पानी का फैलाव हो रहा है। यह भी पढ़ें- बिहार से सीधे अम...