प्रमुख संवाददाता, फरवरी 24 -- अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) की तरफ से इंजीनियरिंग कॉलेजों के छात्रों के लिए शुरू परख योजना में बिहार के छात्र पीछे रह गये हैं। एआईसीटीई की तरफ से जारी रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। एमआईटी समेत बिहार के कई कॉलेजों के छात्रों का रजिस्ट्रेशन इस योजना के तहत होने के बाद भी उनका असेसमेंट (मूल्यांकन) पूरा नहीं हो सका। ऐसे में कौशल आधारित योग्यता में सूबे के इंजीनियरिंग छात्र पीछे रह गए हैं। एमआईटी के प्राचार्य प्रो. मिथिलेश कुमार झा का कहना है कि बिहार में सरकार के द्वारा कौशल आधारित कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। हो सकता है कि छात्र उन्हीं योजनाओं में शामिल हो गये हों, इसलिए परख में उनका मूल्यांकन पूरा नहीं हुआ हो। रिपोर्ट के मुताबिक मूल्यांकन नहीं कराने में इंजीनियरिंग कॉलेजों के अलावा पॉलिटेक्निक...