मुजफ्फरपुर, मई 4 -- बिहार में बच्चों की लंबाई कम होने का मसला चर्चा में है। समेकित बाल विकास की राज्यस्तरीय समीक्षा में अजीब मामला सामने आया है। सूबे के सभी जिलों में आंगनबाड़ी सेविकाओं की गलती से बच्चों का कद घट गया। जिलों से आई रिपोर्ट कई विभागों को भेज दी गई और इसके कारणों की अलग-अलग स्तरों पर पड़ताल भी शुरू हो गई है। पूर्व सीएम जीतनराम मांझी ने कई मंचों से यह बात उठाई और चिंता भी प्रकट किया। इधर, जब विभाग ने गहन समीक्षा की तो पता चला कि बच्चे नाटे नहीं हुए, बल्कि उनकी रिपोर्ट में घालमेल किया गया है। इसके बाद समाज कल्यण विभाग ने बच्चों के सत्यापन का आदेश जारी किया है। बाल विकास परियोजना के तहत बीते 26 अप्रैल को राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक हुई थी। इस बैठक के पूर्व विभाग को रिपोर्ट मिली थी कि सूबे के बच्चों का औसत कद घटा हुआ पाया गया है। वि...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.