नई दिल्ली, नवम्बर 12 -- बिहार के तीन जिलों गयाजी, रोहतास और जमुई के 14 गांवों में लोकतंत्र का सूरज 25 साल के बाद निकला। मंगलवार की सुबह जब धुंध धीरे-धीरे छंट रही थी, लोगों के चेहरे पर चमक और दिलों में दशकों से दबी उम्मीदें फिर से जाग रहीं थीं। बूथों की सजावट, सुरक्षा बलों की मौजूदगी और ग्रामीणों की भीड़ इस बात की गवाही दे रही थी कि अब भय की नहीं, भरोसे की राजनीति चल रही है। गयाजी के पांच प्रखंडों इमामगंज के सेवती, फतेहपुर के बसकटबा, पतवास, चोढ़ी और डुमरिया, बांकेबाजार व बाराचट्टी के दस, रोहतास के तीन रेहल, सोली और कोरहास समेत जमुई के चोरमारा में बूथ पर मतदान कर्मियों के पहुंचते ही महिलाओं ने फूल-माला पहनाकर उनका स्वागत किया। सेवती पंचायत के बूथ संख्या 197 से लेकर पथरा के 203 तक ग्रामीणों ने मंगलवार को अपनी उंगली पर स्याही की नई इबारत लिखी...
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