नवादा, नवम्बर 25 -- नवादा, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिले के तीनों बिस्कोमान में विगत तीन माह से यूरिया और डीएपी उपलब्ध नहीं है। किसान हर रोज बिस्कोमान में पूछताछ करने पहुंच रहे और निराश होकर लौट रहे। ऐसे में रबी का मौसम शुरू होते ही किसानों पर एक नई आफत आ पड़ी है। जहां एक ओर किसान गेहूं, दलहन और तिलहन की बुआई में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर यूरिया और डीएपी जैसे आवश्यक उर्वरकों की खुले बाजार में कालाबाजारी चरम पर पहुंच गई है। सरकारी घोषणाओं के विपरीत, खाद की प्रचुर उपलब्धता के बावजूद, खाद-बीज विक्रेता मनमाने दाम वसूल रहे हैं, जिससे किसानों की कमर टूट रही है और उनकी खेती की लागत अप्रत्याशित रूप से बढ़ गई है। वहीं जिले के तीनों बिस्कोमान में तीन माह से खाद नदारद है। जिले भर में खाद की कालाबाजारी से किसानों की परेशानी एकदम चरम पर पहुंच गयी है। सरकारी...