दरभंगा, दिसम्बर 9 -- बिरौल। अनुमंडल मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महज हाथी का दांत बनकर रह गया है। 30 शैया के बने आलीशान दो मंजिले भवन में रोगियों का इलाज नहीं होता है। आलम यह है कि यहां पदस्थापित चिकित्सक को दूसरे अस्पताल में प्रतिनियुक्ति कर काम लिया जा रहा है। मरीजों के इलाज की केवल खानापूरी की जाती है। मालूम हो कि अनुमंडल मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रोगियों के इलाज के लिए पांच चिकित्सकों को पदस्थापित किया गया है, लेकिन इस अस्पताल में मरीजों का इलाज नहीं किया जाता। यहां आने वाले मरीजों का इलाज महज 10 मीटर की दूरी पर एक ही परिसर में स्थित अनुमंडलीय अस्पताल में होता है। उसमें भी इलाज की खानापूरी कर मामूली रोगियों को भी डीएमसीएच रेफर कर दिया जाता है। सीएचसी में पदस्थापित पांच चिकित्सकों में डॉ. बीपी दुबे को श...