नई दिल्ली, फरवरी 14 -- दिल्ली हाई कोर्ट ने रामजस कॉलेज के एक छात्र के खिलाफ दर्ज चोरी और धोखाधड़ी के मामले को रद्द कर दिया है। अदालत ने छात्र की कम उम्र, उसके साफ सुथरे पिछले रिकॉर्ड और दोनों पक्षों के बीच हुए आपसी समझौते को देखते हुए यह फैसला सुनाया। कॉलेज स्टूडेंट पर आरोप था कि उसने रेहड़ी (ठेले) पर दुकान लगाकर बिरयानी बेचने वाले एक आदमी का मोबाइल फोन चुराते हुए उसके बैंक अकाउंट से 89 हजार रुपए निकाल लिए थे। हालांकि वह खुद को इस मामले में निर्दोष बता रहा था और उसने दावा किया कि उसे नहीं पता कि उसके अकाउंट में ये पैसे कहां से आए थे। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार जस्टिस मनोज जैन ने मामला रद्द करते हुए कहा कि स्टूडेंट के खिलाफ लगाए गए आरोप समझौता योग्य प्रकृति के हैं और दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से विवाद का निपटारा भी हो चुका है। ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.