बेगुसराय, नवम्बर 12 -- सिमरिया धाम, एक संवाददाता। धर्म के चार चरण होते हैं। सत्य, तप, दया और दान। ये बातें राजकीय कल्पवास मेला सिमरिया धाम के सिद्धाश्रम के ज्ञान मंच से श्रीमद् भागवत कथा व श्रीमद् देवी भागवत के कथा का प्रवचन के दौरान ज्ञानमंच से स्वामी चिदात्मन जी महाराज ने कहीं। उन्होंने प्रवचन के दौरान आगे कहा कि वास्तव में भाग्यवान को ही भागवत सुनने का सौभाग्य प्राप्त होता है त्रेता युग में भगवान श्री राम ने अपना कर्तव्य करके दिखलाया की एक मां के प्रति क्या कर्तव्य होता है। एक पिता के प्रति क्या कर्तव्य होता है। गुरु के प्रति क्या कर्तव्य होता है। अपनों से श्रेष्ठ जनों के प्रति क्या कर्तव्य होता है। राष्ट्र के प्रति क्या कर्तव्य होता है राज्य के प्रति क्या कर्तव्य होता है और राज्य धर्म के प्रति क्या कर्तव्य होता है वह सब करके दिखलाया औ...