बागपत, जनवरी 30 -- जिले में यूपी बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षाओं का पहला चरण 1 फरवरी से शुरू हो रहा है। विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए सरकारी हाई स्कूलों में प्रयोगशाला तो बनी, लेकिन उसका अधिकांशत: इस्तेमाल नहीं होता है। इसका मुख्य कारण उपकरण तो कहीं शिक्षक का नहीं होना है। कई स्थानों पर प्रयोगशाला सहायक का पद भी खाली है। ऐसे में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में विज्ञान के छात्रों को बिना प्रयोग किए ही परीक्षा देनी होगी! यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राएं अपनी प्रयोगात्मक परीक्षाओं को लेकर चिंतित हैं। कॉलेजों में अभी तक प्रयोगात्मक कार्य नहीं कराए गए हैं। काफी दिनों से तो कॉलेज बंद चल रहे थे। इस वजह से भी छात्रों का काफी नुकसान हुआ। अधिकतर कॉलेजों में अभी तक छात्र-छात्राओं की फाइल तक तैयार नहीं हुई है। एक छात्र कपिल ने बताया कि उसके यहां अ...
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