चंडीगढ़, फरवरी 27 -- पंजाब में पिछले दिनों सामने आया था कि बीते लगभग दो सालों से बिना विभाग के ही एक मंत्री काम कर रहा था। कुलदीप धालीवाल प्रशासनिक सुधार विभाग के मंत्री के रूप में काम कर रहे थे, जो अस्तित्व में ही नहीं था। इस मामले के सामने आने के बाद पंजाब सरकार की जमकर किरकिरी हुई थी। अब एक और मामला सामने आया है, जिसने पंजाब के सरकारी अमले पर प्रश्न चिह्न खड़ा कर दिया है। दरअसल यह मामला ट्रांसफर के फर्जी आदेश का है, जो सोशल मीडिया पर वायरल था और अफसरों ने उसे सही मानते हुए अमल भी शुरू कर दिया। यह फर्जी आदेश 57 क्लर्क, डेटा एंट्री ऑपरेटर और सेवादारों से जुड़ा था। शिक्षा विभाग से जुड़े इस आदेश को जिला शिक्षा अधिकारियों ने अमल में लाना भी शुरू कर दिया था। यहां हैरान करने वाली बात यह है कि किसी भी आदेश पर अमल से पहले उसकी औपचारिक प्रति ली ...
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