प्रयागराज, जनवरी 1 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि मकान मालिक और किराएदार के बीच यदि कोई लिखित रेंट एग्रीमेंट नहीं हुआ है या उसकी जानकारी रेंट अथॉरिटी को नहीं दी गई है, तब भी मकान मालिक किराएदार को बेदखल करने के लिए आवेदन कर सकता है। यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने केनरा बैंक शाखा कार्यालय अलीगढ़, बरेली की मेसर्स टिफको एंड एसोसिएट्स व अन्य की याचिका पर पारित किया। मामले में प्रतिवादी मकान मालिकों ने किराया प्राधिकरण (रेंट ऑथारिटी) और लघुवाद न्यायालय में बेदखली के लिए आवेदन दायर किया था, जिसे चुनौती देते हुए याचियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। याचियों का तर्क था कि बिना रेंट एग्रीमेंट के ट्रिब्यूनल और लघुवाद न्यायालय को सुनवाई का अधिकार नहीं है। मकान मालिक की ओर से अधिवक्ता विपुल राज गौतम ने पूर्व निर्णयों का हवाला देते ह...