बलिया, जून 22 -- बैरिया, हिन्दुस्तान संवाद। ग्रीनफील्ड के लिये बगैर मुआवजे के घर व जमीन अधिग्रहण करने के खिलाफ एक किसान ने स्थानीय प्रशासन को अपना प्राण त्यागने की चेतावनी दी है। वर्षों से मुआवजे के लिए तहसील व सरकारी दफ्तरों का चक्कर लगा रहे किसान ने बताया कि वह अपनी बेटी की शादी दो वर्षों से तय किया है। मुआवजे का पैसा नहीं मिलने से उनकी शादी रुकी पड़ी है। अपना घर व जमीन गंवाने के बाद उसके पास न तो बसने का कोई ठिकाना है और न ही जीविकापार्जन का कोई साधन। क्षेत्र के नवका टोला (कर्णछपरा) निवासी 50 वर्षीय शैलेश कुमार सिंह की जमीन व रिहायसी मकान मौजा इब्राहिमाबाद के नवकाटोला (पकड़ीतर) अवस्थित है। बताया कि जब तहसील द्वारा किसानों की भूमि का पंजीकरण किया जा रहा था, तब अधिकारियों ने हमें बताया कि हमारी भूमि लोनिवि के नाम पर गलत दर्ज हो गई है। सुधा...