विकासनगर, जुलाई 3 -- जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि शिक्षा विभाग ने क्लस्टर योजना का निर्णय जल्दबाजी में लिया है। इसके लिए खंड स्तर के अधिकारियों ने बगैर भौतिक सत्यापन किए, छात्रों की वास्तविक संख्या और अन्य आधार जांचे बिना उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट प्रस्तुत की। जिसके आधार पर अधिकारियों यह गलत निर्णय लिया है। उन्होंने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार ने क्लस्टर योजना के तहत आसपास तीन-चार विद्यालयों में से एक इंटरमीडिएट विद्यालय को चिन्हित कर उसको मुख्य केंद्र (क्लस्टर विद्यालय) घोषित कर दिया है। इस योजना में लगभग 559 क्लस्टर विद्यालय चिन्हित कर लगभग ढाई हजार से अधिक विद्यालयों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि विभाग के इस फरमान के चलते अभिभावकों एवं छात्रों को परेशानी उठानी पड़ रही है। नेगी ने कहा ...
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