शामली, मई 5 -- अवधूत शिरोमणि बाबा हीरादास जी महाराज 110वी व स्वामी हरिदेव जी महाराज 19वी पुण्य स्मृति के उपलक्ष में चल रहे तीन दिवसीय कार्यक्रम सम्पन्न हुआ पंचतीर्थी पीठाधीश्वर महंत स्वामी रामदेव जी महाराज प्रदेश उपाध्यक्ष अखिल भारतीय संत समिति उत्तर प्रदेश ने कहा कि भगवान भाव के भूखे हैं, जिस प्रकार से शबरी के यहां पर बेर खाए, उसी तरह विधु रानी के यहां पर केले के छिलके खाए। उन्होंने भक्ति की महिमा को भाव के साथ बताया कि जहां पर प्रेम होता है, वहां पर भगवान आते हैं, जो मनुष्य भक्ति नहीं जानता हो पूजा पाठ भी नहीं जानता हो। केवल प्रार्थना से ही भगवान प्रसन्न हो जाते हैं, जैसे भाव होते हैं भगवान उसे अपना बना लेते हैं। इसलिए संतो का प्रवचन हमें जीवन में आनंदित बनाता है। बालक का ध्यान जिस प्रकार माता रखती है, उसी प्रकार भक्त का ध्यान भी भगवान ...