प्रयागराज, दिसम्बर 19 -- इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा, एक शादीशुदा व्यक्ति बिना तलाक लिए कानूनी तौर पर किसी तीसरे व्यक्ति के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में नहीं रह सकता। हाईकोर्ट ने लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले एक जोड़े द्वारा दायर सुरक्षा की मांग वाली याचिका खारिज करते हुए यह महत्वपूर्ण टिप्पणी की। जस्टिस विवेक कुमार सिंह ने कहा कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार पूर्ण नहीं है और यह मौजूदा जीवनसाथी के कानूनी अधिकारों का उल्लंघन नहीं कर सकता। याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट से गुहार लगाई थी कि दोनों याचिकाकर्ता बालिग हैं और पति-पत्नी की तरह साथ रह रहे हैं और उन्हें प्रतिवादी से जान का खतरा है। दूसरी ओर, वकील ने याचिकाकर्ताओं की प्रार्थना का विरोध किया और कहा कि याचिकाकर्ताओं का काम अवैध है क्योंकि याचिकाकर्ता नंबर 1 पहले से ही दिनेश कुमार से शादीशुदा है, ...