लखनऊ, फरवरी 10 -- पार्षद लगातार अपने वार्डों में सफाई के लिए गाड़ियां भेजने को कह रहे हैं लेकिन नहीं आ रही हैं लखनऊ। प्रमुख संवाददाता शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने की व्यवस्था कागजों में भले ही चमकदार दिखे, लेकिन हकीकत में यह पूरी तरह चरमरा चुकी है। हैदराबाद की रामकी कंपनी, जिसे राजधानी में लखनऊ स्वच्छता अभियान कम्पनी बनाकर शहर के 77 वार्डों में घर-घर से कूड़ा उठाने और उसे प्लांट तक पहुंचाने का जिम्मा दिया गया। कम्पनी तय मानकों पर खरी नहीं उतर रही। दो वर्ष बाद भी उसके पास जरूरत के मुताबिक गाड़ियां और रिक्शा-ट्रॉलियां नहीं हैं। दोगुनी दर पर ठेका, आधा भी काम नहीं इस कंपनी को नगर निगम ने दो गुने से भी ज्यादा रेट पर काम सौंपा है। कंपनी को मोटा ठेका मिला, लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी हालात बदतर हैं। नगर निगम के ही अफसरों की रिपोर्ट और समीक...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.