रांची, जनवरी 15 -- रांची, संवाददाता। न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा-1 की अदालत ने उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत द्वारा आरोपी अरुण कुमार गोप को फरार दिखाते हुए उसके खिलाफ इश्तेहार जारी किया गया था। अदालत ने इसे कानून के प्रावधानों के विपरीत माना। न्यायिक दंडाधिकारी-29 की अदालत ने बीते 3 दिसंबर को शिकायत वाद संख्या 437/19 मामले के आरोपी के खिलाफ सीआरपीसी की धारा-82 के तहत उद्घोषणा जारी की गई थी, जिसकी चुनौती न्यायायुक्त की अदालत में दी गई। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट(एनबीडब्ल्यू) की कोई तामील रिपोर्ट रिकॉर्ड पर मौजूद नहीं थी। इसके बावजूद सीधे इश्तेहार जारी कर दिया गया, जो विधिसम्मत नहीं है। अदालत ने कहा कि धारा-82 की कार्रवाई से पहले यह संतोष दर्ज करना अनिवार्...