गोड्डा, नवम्बर 13 -- पथरगामा, प्रतिनिधि। पथरगामा दुर्गा मंदिर परिसर में चल रहे नौ दिवसीय श्रीराम कथा के दूसरे दिन पंडित रविशंकर ठाकुर जी महाराज ने भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि "बिना अनुराग के राम नहीं मिल सकते। उन्होंने कहा कि धरती पर पहला यज्ञ प्रयाग में हुआ था। सभी को बोलना आता है, लेकिन चुप रहना बहुत कम लोग जानते हैं, और जो चुप रहना सीख लेता है वही सच्चा संत कहलाता है। महाराज ने कहा कि जब कोई व्यक्ति राम का उपासक बन जाता है, तो उसके विरोधी स्वतः समाप्त हो जाते हैं। जिस दिन विभीषण लंका छोड़कर चले गए, उसी दिन से रावण का पतन प्रारंभ हो गया। उन्होंने कहा कि जीवन में सदा संतों का आदर करना चाहिए, क्योंकि संत भगवान का दूसरा स्वरूप होते हैं। यदि किसी को ऊंचाई और श्रेष्ठता प्राप्त करनी है तो उसे विनम्र बनना सीखना होगा। उन्होंने आगे कहा कि ...
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