अलीगढ़, फरवरी 8 -- अलीगढ़, कार्यालय संवाददाता। चारों लेबर कोड, बिजली बिल, बीज बिल और स्मार्ट मीटर योजना के विरोध में लाल डिग्गी बिजली घर पर चल रहे धरने को दो महीने पूरे हो गए। रविवार को धरनास्थल पर संयुक्त किसान मोर्चा के प्रमुख नेताओं की चर्चा बैठक हुई। किसान नेताओं ने केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका के साथ होने वाले व्यापार समझौते को किसानों पर एक और बड़ा हमला बताया। डील होने पर अमेरिका से दूध और उसके उत्पादों का शून्य कर पर आयात होगा। जिससे देश के करोड़ों पशुपालकों की आजीविका पर संकट गहराएगा। वहीं अमेरिका से 18.50 रुपये प्रति किलो के भाव से गेहूं के साथ कपास, सोयाबीन, सेब, अनानास आदि का भी आयात हो सकेगा। ऐसे में देश के करोड़ों किसान साम्राज्यवादी बाजार की प्रतिस्पर्धा में पिछड़ जाएंगें। न्यूनतम समर्थन की गारंटी तो दूर फसल की लागत को मोहताज...