गुड़गांव, जनवरी 6 -- गुरुग्राम। डीएलएफ फेज-3 निवासी एक उपभोक्ता को बिजली चोरी करना भारी पड़ गया है। निचली अदालत के बाद अब ऊपरी अदालत ने भी बिजली निगम द्वारा लगाए गए 5.91 लाख रुपये के जुर्माने को सही ठहराया है। अतिरिक्त सत्र एवं न्यायाधीश अमित गौतम की अदालत ने उपभोक्ता की याचिका को खारिज करते हुए बिजली निगम के पक्ष में फैसला सुनाया। बिजली निगम के अधिवक्ता विवेक वर्मा ने अदालत में बताया कि डीएलएफ फेज-3 निवासी दिनेश वशिष्ठ के परिसर में 27 फरवरी 2016 को बिजली निगम की टीम ने छापेमारी की थी। जांच के दौरान मीटर संदिग्ध पाए जाने पर उसे सील कर लैब में जांच के लिए भेजा गया था। 18 मई 2016 को जब लैब में मीटर खोला गया, तो उसमें मीटर के साथ छेड़छाड़ की पुष्टि हुई। इसके आधार पर निगम ने उपभोक्ता पर बिजली चोरी का आरोप लगाते हुए 5.91 लाख रुपये का जुर्माना ...