लखनऊ।, जनवरी 12 -- उत्तर प्रदेश में बिजली चोरी रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियानों में अब 'हाई-टेक' मोड देखने को मिलेगा। विभाग ने अपनी विजिलेंस टीम और विभागीय जांच दल को अत्याधुनिक GPS युक्त 'बॉडी वॉर्न कैमरों' (Body Worn Cameras) से लैस करने का फैसला लिया है। पिछले दो वर्षों से चल रही लंबी कवायद के बाद आखिरकार इन उपकरणों को हरी झंडी मिल गई है। यह कदम न केवल छापेमारी की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करेगा, बल्कि जांच टीम पर लगने वाले भ्रष्टाचार और उत्पीड़न के आरोपों पर भी लगाम लगाएगा। पिछले कुछ समय से आधी रात के बाद भी बिजली चोरों के खिलाफ घर-घर छापेमारी और अभियान चलाया जा रहा है। इसे लेकर आरोप-प्रत्यारोप भी लग रहे हैं।भ्रष्टाचार और उत्पीड़न पर लगेगा 'जीपीएस' का पहरा अक्सर बिजली विभाग की छापेमारी के दौरान उपभोक्ताओं और विजिलेंस टीम के बीच विवाद ...
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