संतकबीरनगर, जनवरी 15 -- संतकबीरनगर, निज संवाददाता। पावर कारपोरेशन के निजीकरण के विरोध में विद्युत कर्मी ने बुधवार को अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। कहा कि बिजली के निजीकरण का कोई भी प्रस्ताव स्वीकार्य नहीं है। इससे अनावश्यक तक टकराव पैदा होगा। संघर्ष समिति के पदाधिकारी इं. रविकांत ने बताया कि केंद्रीय वित्त मंत्री और केंद्रीय विद्युत मंत्री के बीच सहमति हो गई है कि विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण के लिए संसद के बजट सत्र में एक वित्तीय पैकेज लाया जाएगा। पुष्पेन्द्र भारती और संजय यादव ने बताया कि बजट सत्र में लाए जाने वाले वित्तीय पैकेज की शर्तों का एक ही तात्पर्य है बिजली का निजीकरण। बिजली कर्मचारी ऐसे किसी प्रस्ताव का पुरजोर विरोध करेंगे। कर्मचारियों ने ऐसे प्रस्ताव को केंद्र सरकार द्वारा ब्लैकमेलिंग और आर्मस्ट्रांग की संज्ञा दी। ...