अलीगढ़, दिसम्बर 16 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। बिजली के निजीकरण, बिजली विधेयक, चार लेबर कोड और स्मार्ट मीटर के विरोध में लाल डिग्गी बिजलीघर पर महापड़ाव सोमवार को भी जारी रहा। संयुक्त किसान मोर्चा, बिजली उपभोक्ताओं के साझा मंच के आह्वान पर चल रहे महापड़ाव में सरकार की नीतियों का विरोध किया गया। सातवें दिन पंजाब से पहुंचे क्रांतिकारी किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दर्शन पाल ने आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि बिजली जैसे बुनियादी संसाधन का निजीकरण गरीब और मध्यम वर्ग के लिए घातक साबित होगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि जन्म से लेकर मृत्यु तक मनुष्य की हर आवश्यकता बिजली से जुड़ी है, ऐसे में महंगी बिजली और निजी कंपनियों के हवाले किया गया सिस्टम जनता की कमर तोड़ देगा। शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली जैसी मूलभूत सेवाएं मुनाफे का साधन नहीं होनी ...