लखनऊ, नवम्बर 26 -- अगर बिजली कंपनियों की वित्तीय स्थिति ठीक होती तो इस साल ही बिजली दरों में 13 प्रतिशत की कमी हो गई होती। यूपी राज्य विद्युत नियामक आयोग ने अपने टैरिफ आदेश में लिखा है कि वह दरों में कमी इसलिए नहीं कर रहा है क्योंकि बिजली कंपनियों की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है। बीते शनिवार को आयोग ने टैरिफ आदेश जारी किए थे। इसमें पावर कॉरपोरेशन के बिजली दर बढ़ाने के प्रस्ताव खारिज करते हुए लगातार छठे साल भी बिजली दरें स्थिर रखी गई हैं। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने कहां तो पावर कॉरपोरेशन आंकड़ों में हेरफेर करके दरों में इजाफे का प्रस्ताव दे रहा था। वहीं, टैरिफ आदेश से साफ हो जाता है कि दरों में इजाफा नहीं बल्कि कमी किए जाने की आवश्यकता है। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि पावर कॉरपोरेशन पर इस वर्ष भी उपभोक्ताओं का 1...
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