लखनऊ, जून 27 -- राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने शुक्रवार को बिजली कंपनियों की परिसंपत्तियों के आंकड़े जारी करके आरोप लगाया कि औद्योगिक समूहों की नजर इन्हीं पर है। यूपी में बिजली कंपनियों की परिसंपत्तियां देश में दूसरे नंबर पर हैं। उपभोक्ता परिषद ने कहा कि इन्हीं परिसंपत्तियों की वजह से औद्योगिक समूहों को यूपी की बिजली कंपनियां भा रही हैं। पावर कॉरपोरेशन के कुछ अधिकारी अपने निजी स्वार्थ के लिए औद्योगिक समूहों की मदद कर रहे हैं और बिजली कंपनियों को सस्ते में बेचने के तरीके निकाल रहे हैं। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि यूपी में 42 जिलों को पांच कंपनियों में बांटा जा रहा है। ऐसे में एक कंपनी में औसतन आठ जिले आएंगे। देश का कोई भी औद्योगिक समूह इस स्थिति में नहीं है कि वह इन्हें वास्तविक मूल्य पर खरीद सके। उन्होंने कहा कि...