लखनऊ, नवम्बर 8 -- बिजली विभाग के इंजीनियरों और अधिकारियों को निशाना बनाने वाले एक ब्लैकमेलिंग गिरोह का मामला सामने आया है। यह शातिर गिरोह खुद को ठेकेदार या साइड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट से जुड़ा फर्जी ग्राहक बताकर विभागीय अधिकारियों से संपर्क करता था और प्रोजेक्ट के नाम पर एस्टीमेट (प्राक्कलन) तैयार करवाता था। बाद में अधिकारी को फंसाने की कोशिश करते हुए, वे पैसे की मांग करते और ब्लैकमेल करना शुरू कर देते थे। पीड़ित जेई ने आरोपियों के खिलाफ आशियाना थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। मामला लेसा के अम्बेडकर विश्वविद्यालय उपखंड कार्यालय में तैनात जूनियर इंजीनियर सचिन श्रीवास्तव द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद सामने आया। जेई ने बताया कि बीते 04 नवम्बर को सुबह लगभग 11.30 बजे दो अज्ञात व्यक्ति उनके कार्यालय पहुंचे। इन व्यक्तियों ने खुद को एक साइड डेवलप...