बिजनौर, सितम्बर 8 -- जिले के सरकारी अस्पतालों में प्रसव पूर्व जांच के दौरान 15.51 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं में जोखिम के संकेत पाए गए हैं, यानी औसतन हर सातवीं गर्भवती महिला यहां हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) की श्रेणी में है। इनकी सेहत पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। प्रत्येक माह इनका नियमित फॉलोअप किया जा रहा है। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत जिले के 29 सरकारी अस्पतालों में हर महीने गर्भवतियों की स्वास्थ्य जांच की जा रही है। इनमें 20 अस्पताल ग्रामीण क्षेत्रों में और 9 शहरी क्षेत्रों में स्थित हैं। इनमें जिला महिला अस्पताल (मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध) और धामपुर का 100 बेड का अस्पताल भी शामिल है। इस वर्ष अप्रैल से जुलाई तक कुल 30,005 गर्भवती महिलाओं की जांच की जा चुकी है। जिनमें से 4,654 महिलाएं हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की श्रेणी मे...
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