लखनऊ, जून 5 -- -कारखाना अधिनियम में सुधारों से बढ़ी पंजीकरण दर, प्रक्रियाएं हुईं आधुनिक और पारदर्शी -श्रम विभाग ने दर्पण डैशबोर्ड पर A श्रेणी में हासिल किया चतुर्थ स्थान लखनऊ, विशेष संवाददाता। प्रदेश में कारखाना अधिनियम के तहत लागू किए गए सुधारों ने औद्योगिक विकास और श्रमिक कल्याण की राह आसान की है। नतीजतन पिछले नौ वर्षों में पंजीकृत कारखानों की संख्या 2016 के 13,809 के मुकाबले 2025 में 27,453 हो गई है। यह वृद्धि तकरीबन 100 फीसदी की है। डिजिटल नवाचार, पारदर्शी प्रक्रियाओं और श्रमिक हितैषी नीतियों के बल पर श्रम विभाग ने दर्पण डैशबोर्ड पर A श्रेणी में चतुर्थ स्थान और ई-ऑफिस परिसंचालन में प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है। भारत सरकार के उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग द्वारा जारी बिजनेस रिफॉर्म्स एक्शन प्लान (बीआरएपी) की सिफारिशों...
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