देहरादून, अप्रैल 18 -- बिग्रेडियर सर्वेश डंगवाल पहाड़ी ने सेवा, संवाद और समर्पण पर जोर देते हुए कहा कि आज समाज और राष्ट्र को ऐसे नेतृत्व की जरूरत है जो केवल सत्ता तक सीमित न हो। वह शुक्रवार को प्रेस क्लब में अपनी पुस्तक के साथ ही स्वरचित गीत और कविता के विमोचन समारोह में बोल रहे थे। अपनी पुस्तक 'व्यवहारिक और नेतृत्व निर्देशिका को लेकर उन्होंने कहा कि इसे उन्होंने नागरिक चेतना जगाने और उन्हें जिम्मेदार बनाने के लिए लिखा है। बिग्रेडियर डंगवाल ने महात्मा गांधी, मार्टिन लूथर किंग जूनियर, नेल्सन मंडेला, अन्ना हजारे और गौरा देवी का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व ने समाज की दिशा बदल दी। क्योंकि वह नेतृत्व जन चेतना से उपजा, जनता से जुड़ा और सेवा से संचालित था। इस मौके पर उनके एक गीत 'कदम-कदम बढ़ाए जा और पूर्व सैनिकों को समर्पित कविता 'नूराना...
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