नई दिल्ली, सितम्बर 17 -- भारत और पाकिस्तान के बीच बासमती चावल के 'प्रोटेक्टेड जियोग्राफिकल इंडिकेशन' दर्जे को लेकर विवाद चल रहा है। इसकी वजह से भारत का यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ व्यापार समझौता रुका हुआ है। यूरोपीय संघ इस मामले में कोई फैसला लेने से हिचकिचा रहा है, क्योंकि उसे डर है कि इससे भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ सकता है।आवेदन और विरोध भारत ने सात साल पहले यूरोपीय संघ में बासमती नाम के संरक्षण के लिए आवेदन किया था। इसका मकसद था कि सिर्फ भारत के खास क्षेत्रों में उगाए गए चावल को ही 'बासमती' कहा जा सके। इसके जवाब में पाकिस्तान ने साल 2023 में अपना विरोध दर्ज करते हुए एक अलग आवेदन दायर किया।पाकिस्तान के दावों का खंडन पाकिस्तानी मीडिया ने यह दावा किया था कि ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे देशों ने बासमती चावल पर भारत के दावे ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.