हजारीबाग, दिसम्बर 31 -- बरही, प्रतिनिधि। बरही के होटल आकाश पैलेस गया रोड़ में बाल संस्कार केंद्र चलाने वाली मातृशक्ति शिक्षिकाओं की कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला को संबोधित करते हुए सेवा प्रमुख त्रिवेणी साव ने कहा कि हिन्दू संस्कृति की महत्वपूर्ण विशिष्टता विश्व कल्याण और सहिष्णुता है। समाज के सब लोग समाज के अभिन्न अंग हैं। समाज का कोई अंग दुर्बल न रहे, इसलिए वंचित, उपेक्षित एवं अभावग्रस्तों की सेवा करने का भाव लोगों के दिलों के अंदर पारिवारिक संस्कारों के कारण बाल्यकाल से पुष्पित पल्लवित होता है। विशिष्ट अतिथि रामेश्वर पंडित ने कहा कि समाज की सेवा करना ईश्वरीय कार्य है। कहा कि मातृशक्ति शिक्षिकाओं के पास एक माता अपने बच्चों को ज्ञान अर्जित करने के लिए भेजती हैं। ऐसे में शिक्षिकाओं का कर्तव्य है कि वह बच्चों के बीच अपने बच्चों के समान...