गुमला, नवम्बर 27 -- गुमला, संवाददाता । प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ध्रुव चंद्र मिश्र ने कहा कि बाल विवाह समाज की गंभीर कुरीति है। बच्चों का शारीरिक एवं मानसिक विकास उम्र से पहले पूरा नहीं हो पाता, इसलिए कानून द्वारा बाल विवाह को निषेध किया गया है। वे गुरूवार को एसएस बालिका उच्च विद्यालय गुमला में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के 100 दिन कैंपेन के तहत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।उन्होंने कहा कि जैसे फसल को समय से पहले काटने पर क्षति होती है, वैसे ही बच्चों का समय से पहले विवाह कई समस्याओं को जन्म देता है। उन्होंने बच्चों व अभिभावकों से बाल विवाह का दृढ़ता से विरोध करने और बच्चों को अधिक से अधिक शिक्षा का अवसर देने की अपील की। कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश ओम प्रकाश ने कहा कि बाल विवाह रोकथाम के लिए कई कानून मौजूद हैं,और बा...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.