चतरा, दिसम्बर 5 -- गिद्धौर, प्रतिनिधि। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर शुक्रवार को प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों में अधिकार मित्रों द्वारा बाल विवाह रोकथाम को लेकर जागरुकता अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान ग्रामीणों, महिलाओं एवं अभिभावकों को बाल विवाह के दुष्परिणाम एवं उससे जुड़े कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकार मित्रों ने बताया कि बाल विवाह करना और करवाना दोनों ही कानूनन दंडनीय अपराध है। यदि किसी भी व्यक्ति द्वारा बाल विवाह कराया जाता है या इसमें सहयोग किया जाता है, तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अनुसार विवाह के लिए लड़कों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और लड़कियों की 18 वर्ष निर्धारित है। इसके उल्लंघन पर दोषी अभिभावक, संरक्षक या आयोजनकर्ता को दो वर्ष तक का कारावास एवं...