शामली, जनवरी 16 -- बाल विवाह मुक्त भारत के तहत शहर कोतवाली परिसर में धर्मगुरुओं एवं विवाह से जुड़े सेवा प्रदाताओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। सीओ सिटी अपेक्षा निंबोडिया व जिला प्रोबेशन अधिकारी मोहम्मद मुशफेकीन के नेतृत्व में कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विभिन्न धर्मों के धर्मगुरुओं के साथ मैरिज हॉल, बैंड, डीजे, कैटरर्स, फोटोग्राफर व टेंट संचालकों को बाल विवाह के दुष्परिणामों एवं कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि 18 वर्ष से कम आयु की बालिका व 21 वर्ष से कम आयु के बालक का विवाह गैरकानूनी है तथा इसमें सहयोग करने पर दो वर्ष तक का कारावास या एक लाख रुपये तक जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है।
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