औरंगाबाद, फरवरी 7 -- ओबरा प्रखंड मुख्यालय में बाल विवाह को कानूनी अपराध बताते हुए जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से बाल विवाह मुक्त रथ को बीडीओ मोहम्मद यूनुस सलीम ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान लोगों को जागरूक करने के लिए शपथ कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बाल विवाह को कानूनन अपराध मानने और इसे रोकने की शपथ दिलाई गई। बीडीओ ने बताया कि 21 वर्ष से कम आयु के लड़के और 18 वर्ष से कम आयु की लड़की का विवाह करना कानूनन अपराध है। बाल विवाह कराने वाले माता-पिता और अन्य रिश्तेदारों को दो वर्ष तक की सजा और एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। बाल विवाह संपन्न कराने वाले पंडित, मौलवी और पादरी को भी दंडित किया जा सकता है। बाल विवाह में किसी भी प्रकार से सहयोग करने वालों, जैसे भोजन या अन्य सेवा देने वालों पर भी सजा और जुर्माने का प्रावधान ह...