उरई, जनवरी 19 -- उरई। बाल विवाह मुक्त भारत" राष्ट्रीय जागरूकता अभियान के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में महिला कल्याण विभाग द्वारा 27 नवम्बर 2025 से 08 मार्च 2026 तक संचालित किए जा रहे अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक कुरीति और दण्डनीय अपराध है, जो बच्चों विशेषकर बालिकाओं के शारीरिक, मानसिक एवं शैक्षिक विकास को बाधित करता है। इसे समाप्त करने के लिए प्रशासन के साथ-साथ समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि अभियान के अंतर्गत ग्राम पंचायतों, शहरी वार्डों, विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वयं सहायता समूहों एवं सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएँ। साथ ही पोस्टर, बैनर, शपथ कार्यक्रम, जनसभाएँ एवं...