गढ़वा, फरवरी 6 -- गढ़वा, प्रतिनिधि। जिले को बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति से मुक्त करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। उसके लिए व्यवहार न्यायालय परिसर में प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मनोज प्रसाद ने आशा योजना के तहत जागरुकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पूर्व से चल रहे इस जागरुकता कार्यक्रम का समापन 8 मार्च अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर होगा। यह अभियान नालसा द्वारा निर्धारित 100 दिवसीय कार्य योजना का हिस्सा है। उसका मुख्य लक्ष्य जमीनी स्तर पर बाल विवाह के खिलाफ व्यापक जागरुकता फैलाना है। जागरुकता रथ जिले के विभिन्न प्रखंडों और सुदूरवर्ती गांवों का भ्रमण करेगा। उसके माध्यम से ग्रामीणों को बाल विवाह के कानूनी दुष्परिणामों, स्वास्थ्य संबंधी खतरों और इस कुप्र...
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