बहराइच, जून 22 -- बहराइच,संवाददाता। पढ़ने,सीखने व शौक जीने की कोई उम्र नहीं होती है, बस ललक होनी चाहिए। शनिवार की रात शहर के वैंक्वेट हाल में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के जीवनदर्शन पर आधारित बाल नाट्य की प्रस्तुति ने न केवल स्कूली बच्चों के निभाए गए हर किरदार को सराहा,बल्कि किरदार के हर शब्द से हाल लोकमाता के जयकारों के उद्घोष से गुजायमान हो उठा। बच्चों की प्रस्तुति ने आगंतुकों की खूब तालिया भी बटोरी। मून एंड सन पब्लिक स्कूल व जनसांस्कृतिक व सामाजिक विकास संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में पुण्यश्लोका लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जनशताब्दी पर बाल नाट्य कार्यक्रम की। आदर्श शासन व्यवस्था की प्रणेता रही लोकमाता के जीवनदर्शन पर आधारित नाट्य को स्कूली बच्चों की ओर से बेहतर ढंग से प्रस्तुति ही नहीं किया, बल्किा सभागार में मौजूद लोग कुछ घंटों...