नैनीताल, जनवरी 26 -- उत्तराखंड में नैनीताल हाईकोर्ट ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता और प्रेम संबंधों के अधिकार को सर्वोपरि मानते हुए एक प्रेमी जोड़े को सुरक्षा प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। न्यायाधीश आलोक मेहरा की एकलपीठ ने हरिद्वार जिले के पथरी थाना क्षेत्र के एक मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणी भी की। अदालत ने कहा कि जब दोनों बालिग हैं और धर्म भी एक ही है तो आपत्ति कहां है? एकलपीठ ने बीते दिनों सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि यदि दो वयस्क अपनी मर्जी से साथ रहना चाहते हैं तो उन्हें किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या डर के साए में रहने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। मामले के अनुसार, काजल और उनके साथी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया, कि वे दोनों एक ही धर्म के हैं और आपसी सहमति से प्रेम संबंध में हैं। वे जल्द ही विवाह करना चाहते हैं, लेकिन लड़की के पर...