गिरडीह, जुलाई 1 -- गिरिडीह, प्रतिनिधि। शहर के बीचों बीच स्थित झंडा मैदान न घूमने के लिए सही है और न ही खेलने के लिए। जल निकासी की असुविधा के अभाव में झंडा मैदान आधे घंटे की बारिश में ही लबालब भर जाता है और अगले दिन तक कीचड़मय रहता है। बता दें कि पुराने समाहरणालय से ठीक सटा हुआ झंडा मैदान राष्ट्रीय त्योहारों में सज धज कर शहर के वरीय अधिकारियों से लेकर राज्य के मंत्रियों, मुख्यमंत्री तक को अपनी बात लोगों तक पहुंचाने का एक शानदार प्लेटफार्म देता है। लेकिन अगले ही दिन यहां गंदगी का अम्बार लग जाता है जिसे दूर करने में प्रशासन या नगर निगम को लम्बा समय लग जाता है। कुछ महीने पूर्व मैदान में रोशनी के लिए हाईमास्ट औश्र सोलर लाईट्स लगाए गए थे। कई सोलर लाइट्स खराब हो गए हैं। इससे शाम में घूमने के लिए आनेवाली महिलाओं ने यहां आना बंद कर दिया है। बतला द...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.