नई दिल्ली, अप्रैल 19 -- भारतीय सशस्त्र बलों को एक बड़े संकट का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि लगभग 330 'ध्रुव' एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (एएलएच) लंबे समय से ग्राउंडेड हैं। इसने सैन्य अभियानों, विशेष रूप से अग्रिम क्षेत्रों में सप्लाई उड़ानों और टोही मिशनों को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। भारतीय सशस्त्र बल पहले से ही 350 पुराने सिंगल-इंजन वाले चेतक और चीता हेलिकॉप्टरों की खराब हालत और बार-बार क्रैश होने की घटनाओं से जूझ रहे हैं। ये 'ध्रुव' हेलिकॉप्टर भारतीय सेना, वायुसेना, नौसेना और तटरक्षक बल की रीढ़ माने जाते हैं। ये हेलिकॉप्टर चीन और पाकिस्तान के साथ लगती सीमाओं के अग्रिम क्षेत्रों में 'सस्टेनेन्स फ्लाइट्स', निगरानी, टोही, खोज और बचाव अभियानों में अहम भूमिका निभाते हैं। लेकिन पिछले तीन महीनों से इन सभी अभियानों में भारी रुकावट आ रही है...
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