गुमला, अप्रैल 18 -- घाघरा प्रतिनिधि प्रखंड के इटकिरी-सेरेंदाग पथ और चुंदरी-लफसर पथ आजादी के बाद से अब तक नहीं बन सके हैं। इससे करीब एक दर्जन गांवों के हजारों ग्रामीणों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। चुंदरी से लफसर तक वर्ष 2017 में करीब दो किमी पीसीसी और कालीकरण सड़क का निर्माण हुआ था,लेकिन भारी वाहनों की आवाजाही के चलते वह सड़क अब जर्जर होकर गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। वहीं इटकिरी-सेरेंदाग पथ की स्थिति भी वर्षों से बदहाल है। ग्रामीण कई बार सड़क निर्माण की मांग को लेकर वोट बहिष्कार तक कर चुके हैं। फिर भी आज तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। गर्मियों में धूल उड़ने से लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। अधिकांश मकान खपरैल के हैं। वहीं बारिश में सड़कें कीचड़ में बदल जाती हैं। जिससे न केवल वाहन,बल्कि पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।यह समस्या ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.