गंगापार, नवम्बर 17 -- इस वर्ष बारिश पूरे समय तक हुई बारिश से धान की फसल गत वर्षों की अपेक्षा अच्छी पक कर तैयार हुई ,लेकिन खेतों में भरे पानी और नमी के चलते धान की फसल काटने में किसानों को भारी समस्या हो रही है। जिससे खेतों में खड़ी फसल का भी नुकसान रोज के रोज हो रहा है। फसल के नुकसान को लेकर किसानों में चिंता है। बारा क्षेत्र के तातारगंज, परसरा, सरसेदी सहित कई गांवों के अधिकांश खेत काली मिट्टी वाले और नहर के किनारे है। जिससे इन क्षेत्रों में अन्य जगहों की अपेक्षा धान की खेती देर से ही कटती है। इस वर्ष बारिश भी अनुमान से ज्यादा और अंतिम तक हुई जिससे धान के खेतों में अभी तक पानी ही भरा रह गया। भरे पानी के चलते धान की फसल खेतों में गिरने लगी और काटने के लिए किसान खेतों में जाते है तो भरे पानी के चलते खेत देख वापस चले आते है । इधर एक नवंबर से...