बाराबंकी, अगस्त 28 -- फतेहपुर (बाराबंकी)। छोटा सा फतेहपुर। मगर बात गणेशोत्सव की हो तो इस नगर का महत्व ऐतिहासिक हो जाता है। 34 वर्ष पूर्व महाराष्ट्र से आए श्रीराम पाटिल व भीमराव पाटिल अप्पा ने अपने घर मे प्रतिमा स्थापना कर गणेश पूजा की शुरुआत की। जिसके बाद यहां गणेशोत्सव अब लोक महोत्सव में ढल चुका है। गणेश चतुर्थी के बाद भगवान गजानन यहां रग-रग में बसे नजर आते हैं। जिले में सर्वाधिक पंडाल यहीं सजते हैं। शाम होते ही नगर की गलियों व सड़कों पर श्रद्धालुओं का रेला उमड़ता है। पंडालों में तिल रखने को जगह नही बचती। पंडालों का दायरा साल दर साल बढ़ता जा रहा है। कस्बे के लगभग सभी हिस्सों में भगवान विघ्नहर्ता के पूजा पंडाल सजे नजर आने लगे है। वैदिक मंत्रोच्चार व अनुष्ठानों के साथ प्रथम पूज्य देव के महाउत्सव का श्रीगणेश हो चुका है। उमंग व जोश के साथ सभी प...